वो अपने दिल में मलाल रखता है
जो अपने लब पे सवाल रखता है
उस से ही सब को शिकायतें भी हैं
वो ही जो सब का ख्याल रखता है
हासिल है उस को प्यार दुनिया का
रिश्ता जो सब से बहाल रखता है
जिस को ताक़त पे भरोसा हो अपनी
दुश्मन का जीना मुहाल रखता है
कैसे कह दें वो हसीन कितना है
कुदरत का सारा जमाल रखता है
दुनिया भी उस को सताती है यारो
आदत जो अपनी बेमिसाल रखता है
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Wednesday, January 5, 2011
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